बरगद का पेड़ रातोंरात बदल देगा आपका भविष्य बस अंधेरे में करें ये 1 उपाय

banyan tree

बरगद के वृक्ष का हिन्दू धर्म में काफी मान्यता है, हिंदू धर्म में बरगद को पूज्य माना गया है। मान्यता के अनुसार अलग अलग देवों से अलग अलग वृक्ष का जन्म हुआ है, उस समय यक्षों के राजा मणिभद्र से वटवृक्ष उत्पन्न हुआ, जिसे बरगद का पेड़ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसके पूजन से और इसकी जड़ में जल देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। कहते हैं जिस प्रकार से पीपल को विष्णु जी का प्रतीक माना जाता है उसी प्रकार बरगद को शिव जी का प्रतीक माना जाता है।  

1.सबसे पहले आपको ये बता दें कि जो महिलाएं संतान सुख पाना चाहती हैं उनके लिए बरगद की पूजा का खास महत्व है। कहते हैं बरगद के पेड़ में जल डालने और रोज़ाना इसकी पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है इसके अलावा ये पेड़ लम्बे समय तक जीवित रहता है, ऐसे में इसकी पूजा करने से संतान की उम्र भी अक्षयवट की तरह लंबी हो जाती है।

2.मान्यता है कि बरगद व्यक्ति को नरक से बचाता है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति एक पीपल, एक नीम, दस इमली, तीन कैथ, तीन बेल, तीन आंवला और पांच आम के वृक्ष लगाता है, वो पुण्यात्मा बनता है और कभी भी नरक के दर्शन नहीं करता है, हर जन्म में उस व्यक्ति को स्वर्ग का सुख मिलता है। इसके अलावा इस पेड़ को लगाने वाले व्यक्ति के घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

banyan tree

3. कहते हैं शनिवार की अमावस्या को बरगद वृक्ष की पूजा और उसकी 7 परिक्रमा करके काले तिल डालकर तेल का दीपक जलाने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा श्रावण मास में अमावस्या की समाप्ति पर वट वृक्ष के नीचे शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिल जाती है।

4. वट के पेड़ को वट के नाम से भी जाना जाता है। इसकी जड़ें जमीन में दूर-दूर तक फैल जाती हैं। मान्यता है कि इसकी छाल में विष्णु, जड़ों में ब्रह्मा और शाखाओं में शिव विराजते हैं। जैन धर्म में मान्यता है कि तीर्थंकर ऋषभदेव ने अक्षय वट के नीचे तपस्या की थी। तबसे ही जैन धर्म के लोग कोई भी धार्मिक यात्रा करने के बाद बरगद के पेड़ के दर्शन ज़रूर करते हैं, जो ऐसा नहीं करता है उसकी धार्मिक यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है।

5.अगर आपके कारोबार में उन्नती नहीं हो रही है या किसी ने आपके ऊपर तंत्र मंत्र का प्रयोग किया है तो ऐसे में आप बरगद के नीचे बैठकर घी का एक दिया जलाएं, उसके बाद  “ॐ नमः शिवाय” का कम से कम 11 माला जाप करें, ये उपाय आपको रोज़ाना सुबह सभी के उठने से पहले करनी है। इस उपाय से घर के सभी दुख तकलीफ दूर होते हैं। इसके अलावा बरगद के नीचे प्रर्थना करने से दाम्पत्य जीवन भी सुखी रहता है।

आगे पढ़ें-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here