मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में इन आठ क्षेत्रों के निवेश बदलेंगे राज्य में रोजगार का परिवेश

मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में इन आठ क्षेत्रों के निवेश बदलेंगे राज्य में रोजगार का परिवेश

इंदौर में 18 अक्टूबर को आयोजित हुए मैग्नीफिसेन्ट मध्यप्रदेश इन्वेस्टर्स सम्मिट 2019 में प्रदेश की तरक्की का प्रथम चरण पूरा हुआ । इस अवसर पर पूरे देश-विदेश से आए लगभग 900 उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री कमलनाथ जी द्वारा प्रदेश में औद्योगिकरण बढ़ाने व लोगों को रोजगार दिलाने की सोच अवश्य ही इंटेलीजेंस हब के रूप में प्रदेश में एक इतिहास रचेगी।

 

मात्र 10 महीने की अवधि में निवेशकों का निवेश के लिए आकर्षित करना आसान नहीं था पर यह पूरी लगन के साथ किया गया आयोजन था जो कम बजट में सफल रहा। निवेशकों को भारी भरकम छूट के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में सरल निवेश ने काफी प्रोत्साहित किया और उनकी रुचि को बढ़ाने का काम किया।

 

 

मैग्नीफिसेन्ट मध्यप्रदेश के अंर्तगत कुल आठ क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा।

 

 

  1. अर्बन मोबिलिटी एंड रियल एस्टेट के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पायोनियर स्टेट है। यह सही ट्रैक पर है। यहाँ रजिस्ट्रेशन से लेकर स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य कार्यों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था रखी गई है। 5 सालों में 8,722 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

 

 

  1. एमपी एज ए लॉजिस्टिक हब के क्षेत्र में कास्ट में 10% कमी का लक्ष्य रखा गया है। सबका मानना है कि देश के मध्य में होने से चारों कोनों में 24 घंटों में कहीं भी पहुंचा जा सकता है जो कनेक्टिविटी एवं बेहतर योजनाओं के साथ प्रदेश को लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए अच्छा उपाय है।

 

 

  1. एमपी द इमरजिंग इनोवेशन हब- प्रदेश में 2 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पवन और सौर ऊर्जा को बढ़ाया जाएगा। रिन्युवेअबले एनर्जी प्रदेश को एक नई ताकत देगी।

 

 

  1. एमपी इज द इमरजिंग फार्मास्युटिकल्स डेस्टीनेशन – छोटी इकाइयों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कॉस्मेटिक, हेल्थ केअर, रिसर्च के क्षेत्र में भी निवेहक निवेश करें। फार्मा के क्षेत्र में लगभग 700 करोड़ का निवेश आया है और 10 हज़ार रोजगार निर्मित हुए हैं।

 

 

 

  1. इमरजिंग अपॉर्च्युनिटी इन इंडस्ट्री- मध्यप्रदेश में स्टार्टअप बड़े ही कुशलतापूर्वक चल रहे हैं और यहाँ युवाओं की अपडेट विज्ञान तकनीक इंडस्ट्री 4.0 को आगे ले जाएगी। नवाचार के लिए मध्यप्रदेश एक पूर्ण स्टेट है। जरूरत एक इको सिस्टम बनाने की है जो नेसकॉम के साथ एमओयू पूरा कर देगा।

 

 

  1. टेक्सटाइल एंड गारमेंट-
    मध्यप्रदेश की चंदेरी, बाग प्रिंट, और महेश्वरी साड़ियों से पुरे देश में अलग पहचान बनी है, इस क्षेत्र की बड़ी चुनौती जीरो डिस्चार्ज की है
    साथ ही यह क्षेत्र कम निवेश में बड़े संख्या में रोजगार उपलब्ध कराएगा

 

  1. टूरिज्म अपॉर्च्युनिटी इन एमपी- हेलीपेड व एयर स्ट्रिप बनने से दुर्गम पर्यटन क्षेत्र पहुंचने में होगी आसानी । साथ ही फ़िल्म पॉलिसी बनाने का है विचार ।

 

 

  1. फूड प्रोसेसिंग- किसानों के साथ जुड़कर जैविक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। यहां फूड पार्क जैसे निर्माण अच्छा विकास करेंगे ।

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