शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए सावन में ऐसे करें महादेव का पूजन

सावन शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए सबसे उपयुक्त माह है क्योंकि भगवान भोलेनाथ शनिदेव के गुरु हैं और उनके पूजन से शनि की साढ़ेसाती के घातक परिणामों से बचा जा सकता है…

शनि एक ग्रह होने के साथ-साथ एक देवता भी हैं। उनके पिता सूर्य हैं, इसीलिए उन्हें सूर्यपुत्र शनि देव भी कहा जाता है। शनिदेव को बहुत ही क्रूर माना जाता है। कहते हैं कि शनि की कुदृष्टि जिस पर पड़ गई, तो उसके जीवन में उथल-पुथल हो जाती है। शनिदेव मृत्युलोक के स्वामी और न्याय के देवता हैं, जो व्यक्ति को उनके बुरे कर्मों के अनुसार सजा देते हैं। अच्छे कर्म करने पर उस व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर करते हैं। यानी कि शनिदेव अच्छे कर्मों का अच्छा फल भी आपको देते हैं।

शनिदेव को ये है प्रिय

शनिदेव को काला रंग अति प्रिय है इसीलिए उन्हें काले रंग की चीज़े चढ़ाई जाती हैं, जैसे कि काला तिल, उड़द और काले जूते। आपको बता दें कि भोलेनाथ शनि देव के गुरु हैं। तभी तो सावन में भोलेनाथ के साथ शनिदेव की पूजा करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र की माने तो सावन में शनिदेव की विशेष पूजा अर्चना करने से शनिदेव की साढ़ेसाती और प्रकोप से बचा जा सकता है। जैसा कि सभी जानते हैं सावन का पावन महीना महादेव को अर्पित है । इस पूरे महीने महादेव की पूजा पाठ करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को मनवांछित वरदान देते हैं।

शनि की साढ़ेसाती के 3 चरण

इसे तीन चरणों में विभाजित किया गया है। इसका पहला चरण वृषभ, धनु और सिंह राशि वालों के लिए बहुत ही दुखदायी होता है। इसका दूसरा चरण कर्क, मकर, वृश्चिक और मेष राशियों के लिए बहुत ही कष्टकारी होता है। अगर इसके तीसरे चरण की बात की जाए तो इसमें तुला, वृश्चिक, कुंभ मिथुन और मीन राशि आती हैं।

शनि की साढ़ेसाती से बचने के 6 उपाय

सावन के महीने में महादेव के साथ शनिदेव की पूजा की जाए, तो इससे शनि महाराज जल्द ही खुश हो जाते हैं ।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सावन में कुछ खास उपायों को करने से शनिदेव के प्रकोप से बचा जा सकता है।

1. सावन महीने के किसी भी शनिवार के दिन पान में लोहे की एक कील, 1 रूपये का सिक्का और कुछ काले तिल रखकर शनिदेव को चढ़ाएं। ऐसा करने से शनिदेव की साढ़ेसाती से जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा।

2. शनि देव को शांत करने के लिए सावन में एक आसान सा उपाय किया जा सकता है इसके लिए आपको सावन की किसी भी शनिवार के दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने होंगे और इसके साथ ही शहद से शिवलिंग का अभिषेक करना होगा।

3. जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि का प्रकोप है, यानी कि शनि की साढ़े साती चल रही है। ऐसे व्यक्तियों को सावन के शनिवार वाले दिन शनिदेव की विशेष पूजा करनी चाहिए। हो सके तो सावन के आखिरी शनिवार के दिन घर में शनि यंत्र की स्थापना करनी चाहिए और हर शनिवार इस शनि यंत्र की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से उन व्यक्तियों पर शनिदेव की कृपा बरसेगी।

4. सावन में भोलेनाथ के साथ ही शनिदेव को खुश करने के लिए शनिवार के दिन जल्दी उठकर सुबह कांसे की कटोरी में थोड़ा सा सरसों का तेल डालें और उसमें अपनी परछाई देखें। ऐसा करने के बाद उस तेल को किसी निर्धन को दान कर दें।

5. सावन के आखिरी शनिवार को पीपल के पेड़ की जड़ों में जल अर्पित करें । एक सरसों का दीपक जलाएं और शनि देव से प्रार्थना करें। इसके बाद काली चीटियों को गुड़ खिलाएं। ऐसा करने से आप जल्दी शनि के दोषों से छुटकारा पा सकते हैं।

6. इसके अलावा हो सके तो हर शनिवार निर्धन और जरूरतमंदों को खाना खिलाएं या उनकी जरूरत का सामान उन्हें दान करें। ऐसा करने से भी शनि देव जल्दी प्रसन्न होते हैं।

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