शिव पुराण के 7 पाप, जिन्हें करने पर महाकाल देते है कठोर दंड

शिव पुराण

हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक पुराण में शिव पुराण। जो भगवान शिव को समर्पित है। इस पुराण में भगवान शिव से जुड़ी सभी तरह की बातों का वर्णन किया गया है। शिव पुराण में ऐसे 7 पापों के बारे में बताया गया है। जिन्हें करने पर भगवान शिव बहुत ज्यादा क्रोधित हो जाते हैं। फिर या तो पाप करने वाले मनुष्य को कठोर दंड देते हैं या फिर उसे कभी क्षमा नहीं करते। जिस कारण ऐसे मनुष्य का जीवन नर्क से भी बदतर हो हो जाता है। वह अपने जीवन में कभी भी किसी तरह की कोई सफलता या तरक्की नहीं पा सकते हैं। उन्हें महाकाल के प्रकोप का सामना करना ही पड़ता है।

यदि आप भी भोलेनाथ नाराज नहीं प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आपको भी इन 7 पाप उनके बारे में जान लेना चाहिए। ताकि आपसे यह पाप कभी भी ना हो पाए और आप पर हमेशा महादेव की कृपा बनी रहे। आपको कभी भी महादेव के प्रकोप का सामना ना करना पड़े। आज हम आपको शिव पुराण में बताए गए 7 पापों के बारे में बताएंगे, जिनको करने पर मनुष्य को महादेव के प्रकोप का सामना करना पड़ता है।

शिव पुराण के 7 पाप

शिव पुराण में बताए गए पाप, मनुष्य के विचार वचन और कर्तव्य से जुड़े हुए हैं। तो चलिए दोस्तों जानते हैं शिव पुराण में बताए गए इन 7 पापों के बारे में। जिनको करने पर मनुष्य को भगवान शिव का क्षमा नहीं करते….

1. बुरी सोच और दुर्भावना

भले ही आप कभी किसी को अपनी बात या व्यवहार से कोई नुकसान नहीं पहुंचाया होगा, लेकिन किसी के प्रति मन में दुर्भावना रखना या उसके बारे में बुरा सोचने पर भी आप पाप के भागी बन जाते हैं , इसीलिए अपने मन को हमेशा स्वच्छ और शुद्ध विचारों से परिपूर्ण करें । कभी किसी के ना तो बुरा करें और ना ही बुरा करने की सोचे। इतना ही नहीं कभी भी आप ऐसा कोई कार्य ना करें जिससे किसी दूसरे व्यक्ति का बुरा हो या उसके जीवन में किसी तरह की कोई समस्या आए। नहीं तो आपको भी भोलेनाथ कभी क्षमा नहीं करेंगे और आपको अपने जीवन में हमेशा दुख का सामना करना पड़ सकता है।

2. धन संबंधी धोखेबाजी

शिव पुराण के अनुसार बताए गए 12 पापों में से एक पाप है, किसी व्यक्ति के साथ पैसों से संबंधित धोखेबाजी करना। बहुत से लोग धन का लालच आने पर अपने सगे-संबंधियों तक को भी ठग लेते हैं या उनके पैसों की हेराफेरी करते हैं। किसी भी व्यक्ति की धन संपत्ति लूटना या उसके साथ पैसों से संबंधित धोखेबाजी करना भी एक घोर अपराध माना गया है। कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से धन एकत्रित करता है। लेकिन छल या कपट द्वारा उसका धन हड़प लेना, किसी पाप से कम नहीं है।

जो मनुष्य किसी व्यक्ति को धोखा देकर उसकी धन-संपत्ति प्राप्त करता है। ऐसे मनुष्य को महादेव कभी माफ नहीं करते हैं। इस तरह की धोखेबाजी करना या ऐसे विचार मन में लाना भी पाप से कम नहीं है। इसीलिए यदि आपके मन में भी कभी ऐसे विचार आए तो इनका तुरंत ही त्याग कर देना चाहिए। कहीं ऐसा ना हो आपको भी भोलेनाथ की नाराजगी का सामना करना पड़े।

3. शादी तोड़ने का प्रयास

जो स्त्री या पुरुष किसी दूसरे के पति या पत्नी पर बुरी नजर रखते हैं या उन्हें पाने की इच्छा रखते हैं, ऐसे लोगों को भी भगवान शिव कभी माफ नहीं करते । आपने अक्सर देखा होगा बहुत से लोग प्रेम में होने या शादी होने के बावजूद भी पराई स्त्री या पुरुष पर बुरी नजर रखते हैं और अपने साथी के साथ इमानदारी से रिश्ता नहीं निभाते हैं। ऐसे मनुष्य भी शिव पुराण में बताए गए पाप के भागीदारी होते हैं। जो मनुष्य अपने साथी के साथ निष्ठा और ईमानदारी से रिश्ता नहीं निभाते उससे महादेव उसे अत्यंत नाराज हो जाते हैं और उन्हें दंड अवश्य देते हैं । इसके अलावा जो लोग किसी दूसरे व्यक्ति की शादीशुदा जिंदगी को तोड़ने का प्रयास करते हैं, उनके बीच गलतफहमी लाते हैं। ऐसे मनुष्य को भी महादेव के प्रकोप का सामना करना पड़ता है।

4. गर्भवती स्त्री को बुरा भला कहना

जो मनुष्य किसी गर्भवती स्त्री या मासिक काल में चल रही स्त्री को कठोर वचन या बुरा भला कहते हैं, जिससे कि उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचती है । ऐसे मनुष्य को भी पाप के भागीदारी होते हैं। किसी भी गर्भवती महिला को कटु वचन कहने या उसे कष्ट पहुंचाने पर उसका बुरा प्रभाव उसकी होने वाली संतान पर भी पड़ता है। जिसका नुकसान उस स्त्री को आगे चलकर होता है। ऐसा नुकसान पहुंचाने वाले मनुष्य को भगवान महादेव कभी माफ नहीं करते हैं। जितना हो सके किसी भी गर्भवती महिला को परेशान ना करें.। हो सके तो उसके साथ अच्छा व्यवहार करें । उसे हमेशा खुश रखें ताकि महादेव जी आपसे खुश रहे और उनका आशीर्वाद आप पर बना रहे।

5. गलत अफवाह फैलाना

बहुत से लोग किसी भी व्यक्ति से ईर्ष्या की भावना के चलते के बारे में गलत अफवाह फैला कर उसकी मान प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाते हैं। उसके पीठ पीछे उसकी बुराइयां करते हैं, जिससे कि समाज की नजरों में वह व्यक्ति बुरा बन जाए । ऐसा करने वाले मनुष्यों को भी भगवान महाकाल के प्रकोप का सामना करना पड़ता है। किसी के प्रति गलत अफवाह फैलाना भी अक्षम्य अपराध है।

6. धर्म के खिलाफ

अगर कोई मनुष्य धर्म के खिलाफ कोई भी काम को करता है तो वह भी पाप का भोगी बनाता है। जो मनुष्य धर्म में बताई गई वर्जित चीजों का सेवन करते हैं या ऐसे कोई कार्य करते हैं जिन्हें धर्म में अस्वीकार किया जाता है तो निश्चित ही वह भी महादेव के सम्मुख पापी है। शिव पुराण के अनुसार किसी बेवजह कमजोर व्यक्ति, महिला या बच्चे के खिलाफ की गई हिंसा करने पर मनुष्य पापी हो जाता है। ऐसे व्यक्ति को महादेव कभी माफ नहीं करते ।

7. अपमान करना

शिव पुराण के अनुसार जो मनुष्य अपने माता पिता , घर की लक्ष्मी यानी अपनी पत्नी, गुरु, पूर्वजों या घर के किसी सदस्यों का अपमान करते हैं, उन्हें बुरा भला कहते हैं। ऐसे व्यक्ति भी पापी होते हैं । इतना ही नहीं किसी निर्धन या अपने से कमजोर व्यक्ति का अपमान करना। उसका मजाक उड़ाना भी अपराध है। इसीलिए हमेशा सभी का सम्मान करें और भूल कर भी किसी का अपमान ना करें। नहीं तो आपको भोलेनाथ कभी क्षमा नहीं करेंगे और आपको जीवन भर उनके प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है।

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