रक्षाबंधन को भूलकर भी इस समय न बाँधे राखी, वर्ना पड़ेगा पछताना

raksha bandhan

भाई बहन का सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार माना जाता है रक्षा बंधन । सभी बहनें इस त्यौहार का बेसब्री से इंतजार करती हैं। सभी बहनें इस दिन अपने भाइयों को राखी बाँधती हैं, मिठाई खिलाती हैं। उनके सुख शांति की कामना करती हैं। इसके बदले उनके भाई, उन्हें रक्षा का वचन देते हैं। यह त्यौहार बहुत ही प्राचीन है। आदिकाल से ही राखी बांधने की प्रथा चली आ रही है।

भाई-बहन के अलावा भी कई लोग आपस में एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर यह त्यौहार मनाते हैं। रक्षा बंधन के दिन देवी देवताओं को भी राखी या रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। रक्षा बंधन के दिन सबसे पहले गणेश जी को राखी बांधने चाहिए। इसके बाद अन्य देवी देवताओं और अपने इष्ट देव को भी राखी बांधनी चाहिए। आप कलावे को भी राखी के तौर पर सभी देवताओं को अर्पित कर सकते हैं। इस दिन शिष्य, गुरु को और गुरु, शिष्य को रक्षा सूत्र या राखी बांधते हैं। इसके अलावा बच्चे भी अपने माता-पिता को राखी या रक्षा सूत्र बांध सकते हैं।

रक्षा बंधन का ये त्यौहार अपना प्रेम प्रदर्शित करने का त्यौहार होता है। जिसमें रक्षा सूत्र या राखी बांधकर एक दूसरे की रक्षा का वचन दिया जाता है। तभी तो इस त्यौहार को रक्षा बंधन कहा जाता है। आज हम आपको राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बताएंगे। इसके साथ ही हम यह भी बताएंगे कि किस मुहूर्त में राखी नहीं बांधी चाहिए। यदि आप इस अशुभ मुहूर्त में राखी बांधते हैं, तो आप को और आप जिसको रक्षा सूत्र बांध रहे हैं, दोनों को ही इसके अशुभ परिणाम भोगने को मिल सकते हैं।

शुभ मुहूर्त का महत्व

रक्षा सूत्र या राखी बांधने का एक शुभ मुहूर्त होता है । यदि आप इस मुहूर्त पर अपने भाई या प्रिय जनों को रक्षा सूत्र या राखी बांधते हैं, तो इसका शुभ परिणाम देखने को मिलता है और गलत समय पर राखी है रक्षा सूत्र बांधने पर इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं। इसीलिए शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। इसीलिए भद्रा काल के मुहूर्त में राखिया रक्षा सूत्र बांधना निषेध होता है। भद्रा काल में राखी बांधने पर आपके या आपके प्रिय जनों के घर में कई तरह के संकट या परेशानियां आ सकती हैं। इसीलिए राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त का हमेशा ध्यान रखें।

पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ

सावन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को श्रवण नक्षत्र में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार सोमवार 3 अगस्त 2020 को है। इस दिन रक्षा सूत्र या राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके साथ ही पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 2 अगस्त की रात्रि 9:30 से लेकर 3 अगस्त की रात्रि 9:27 तक रहेगा। शुभ मुहूर्त में राखी बांधना सबसे कल्याणकारी और फलदाई माना जाता है। इसके अलावा रक्षाबंधन में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भद्रा काल में राखिया रक्षा सूत्र नहीं बांधना चाहिए।

भद्रा काल का अशुभ समय

भद्राकाल में किसी को भी दो कर्म बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। एक श्रावणी इसे सभी रक्षाबंधन के नाम से जानते हैं और दूसरा करम है फाल्गुनी यानी होलिका दहन। भद्रा काल में होलिका दहन और रक्षाबंधन को वर्जित माना जाता है। अब हम आपको रक्षाबंधन पर पड़ने वाले भद्रा काल के समय के बारे में बताते हैं।

रक्षाबंधन

भद्रा का समय 2 अगस्त 2020 की रात्रि 9:41 से शुरू होकर 3 अगस्त 2020 को 9:00 बज कर 24 मिनट तक रहेगा और पंचक का समय 4 अगस्त 2020 को सुबह 8:00 बज कर 48 मिनट से शुरू होकर 9 अगस्त तक रहेगा। इसका अर्थ यह है कि इस बार राखी पर पंचक कि कोई भी बाधा नहीं रहेगी। जैसा कि हमने आपको बताया भद्रा का समय इस बार रक्षाबंधन पर 2 अगस्त को रात्रि 9:30 से 3 अगस्त सुबह 9:24 तक समाप्त हो जाएगा।

आप सभी 3 अगस्त को 9:24 के बाद ही रक्षाबंधन का त्यौहार मनाएं । इस दिन 9:24 से पहले कोई भी बहन अपनी भाई को राखी ना बांधे क्योंकि यह एक अशुभ मुहूर्त माना जाएगा इस समय भद्राकाल का प्रभाव रहेगा। भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है यह एक दैत्या है । जिसे किसी भी शुभ कार्य में वर्जित माना जाता है इसीलिए आप सभी 3 अगस्त को सुबह 9:24 के बाद ही रक्षाबंधन का यह पवित्र त्यौहार मनाए जो अति शुभ और कल्याणकारी साबित होगा।

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त

आपको बता दें कि 3 अगस्त 2020 को रक्षाबंधन बांधने का जो सबसे पहला शुभ मुहूर्त है, वो सुबह 9:24 से शुरू होकर सुबह 10:30 तक रहेगा। उसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 से लेकर शाम को शाम को 6:00 बजे तक रहेगा जिसमें आप राखी या रक्षा सूत्र अपने भाई-बहन, माता-पिता गुरु या प्रिय जनों को बांध सकते हैं। फिर तीसरा शुभ मुहूर्त शाम 6:05 से शाम 7:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद हालांकि पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी, क्योंकि यह पूर्णिमा उदयापी पूर्णिमा है इसीलिए 3 अगस्त को रात को 10:30 बजे से रात को 12:00 बजे तक राखी बांध सकते हैं।

इन शुभ मुहूर्त पर आप सभी को राखी बांधनी चाहिए क्योंकि शुभ मुहूर्त पर किया गया कार्य हमेशा ही शुभकारी और उत्तम फल कारी होता है। इससे आपके द्वारा बंधे गए रक्षा सूत्र या राखी से आपके भाई या प्रियजन की भी रक्षा होती है और उन्हें दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

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