गर्दन दर्द या सर्वाइकल पेन : जानें लक्षण, कारण और बचाव

गर्दन दर्द

कामकाज के आधुनिक तौर-तरीकों के कारण आजकल लोगों को घंटों तक कंप्यूटर के सामने बैठना पड़ता है। लंबे समय तक मोबाइल पर बातचीत या मोबाइल का इस्तेमाल करना पड़ता है। जिसकी वजह से गर्दन में दर्द होने लगता है, जिसे अक्सर हम साधारण गर्दन दर्द मान लेते हैं। फिर कोई दवा लगाकर या थोड़ी-सी एक्सरसाइज और योगा करने पर गर्दन दर्द ठीक हो जाता है और हम सोचते हैं कि हमारा यह गर्दन दर्द ठीक हो चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह गर्दन का दर्द, सर्वाइकल पेन हो सकता है? सर्वाइकल पेन यानी सर्वाइकल स्पाइन या गर्दन के हिस्से वाली रीढ़ की हड्डी के जोड़ों और डिस्क में समस्या होना।

हम अक्सर गर्दन में होने वाले इस दर्द को मामूली दर्द समझ लेते हैं और इग्नोर करने लगते हैं, जो आगे चलकर और भी गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजकल सर्वाइकल पेन की समस्या आम हो गई है। यह युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक देखने को मिलती है। आज हम आपको सर्वाइकल पेन होने के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में बताएंगे। अगर आप भी गर्दन के दर्द की समस्या से परेशान हैं या आपके परिवार और दोस्तों में कोई इस समस्या से गुजर रहा हो, तो इसे उसके साथ जरूर शेयर करें।

समय रहते इस सर्वाइकल पेन का इलाज नहीं करवाया, तो यह सिर्फ गर्दन तक ना रहकर बल्कि शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाता है। जिससे हमें चलने-फिरने या कोई भी शारीरिक गतिविधि करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं सर्वाइकल पेन के बारे में…

सर्वाइकल पेन या गर्दन दर्द के लक्षण

1. गर्दन कंधे और पीठ के ऊपरी भाग में दर्द होना
2. गर्दन के के आसपास की मांसपेशियों में खिंचाव या अकड़न होना
3. लगातार सिर दर्द होना
4. हाथों में दर्द या अकड़न होना उनका सुन्न पड़ जाना
5. गर्दन हिलाने पर दर्द का तेज हो जाना
6. पीठ में लगातार तेज दर्द होना कुछ बोलने लिखने या चलने में परेशानी होना

सर्वाइकल पेन होने के कारण

1. गलत तरीके से सोना
2. लगातार एक ही पोजीशन पर गर्दन झुका कर बैठे रहना
3. सिर में लगी चोट
4. गर्दन या सिर की किसी नस पर दबाव होना
5. बैठने या खड़े होने पर गर्दन में अकड़न और दर्द होना
6. रीड की हड्डी में इन्फेक्शन होना फिजिकल स्ट्रेस होना
7. गर्दन और हाथों की मांसपेशियों में खिंचाव अकड़न या ऐंठन होना

सर्वाइकल पेन से बचाव

सही पोजीशन में सोना

गर्दन के दर्द से पीड़ित व्यक्ति या सर्वाइकल पेन के मरीजों को सोते समय खास ध्यान रखना चाहिए। सोते समय उन्हें तकिए का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर जरूरत पड़े, तो नरम और बहुत ही कम मोटाई वाले तकिए का ही इस्तेमाल करना चाहिए। सर्वाइकल पेन के मरीजों को सोने के लिए लकड़ी के तखत या जमीन पर बिस्तर लगा कर ही सोना चाहिए। सर्वाइकल पेन होने का एक मुख्य कारण सही मुद्रा में ना सोना ही है, इसीलिए सोते समय अपनी पोजीशन को ठीक रखें। जिससे रीड की हड्डी पर किसी तरह का ज्यादा दबाव ना पड़े। इसके अलावा फोल्डिंग पलंग या खाट पर सोने से आपको बचना चाहिए।

नियमित योगा और एक्सरसाइज

किसी भी बीमारी को ठीक करने के लिए एक्सरसाइज और योगा करना एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इनसे शरीर की मांसपेशियों और हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके साथ ही इम्यून सिस्टम में भी सुधार होता है। इसीलिए सर्वाइकल के पेन से बचने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह से रोजाना योगा और एक्सरसाइज करें।

बर्फ से सिकाई

सर्वाइकल पेन में बर्फ से सिकाई करने पर आराम मिलता है, इसीलिए सर्वाइकल का पेन होने पर गर्दन के उस हिस्से पर बर्फ के टुकड़ों से सिकाई करें, जहां पर आपको दर्द हो रहा हो। ऐसा करने से आपको तुरंत ही सर्वाइकल के पेन से राहत मिलेगी।

कैल्शियम और विटामिन-डी

स्वस्थ शरीर के लिए कैल्शियम, विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन की बहुत आवश्यकता होती हैं, इसीलिए अपनी डाइट में हमेशा मौसमी फल हरी सब्जियां, अनाज, और दालों को जरूर शामिल करें। इनसे आपके शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम मिलेगा। इससे आपकी हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत हो जाएंगी और किसी तरह के दर्द से आप बचे रहेंगे।

तनाव से बचें

ज्यादा तनाव लेने से भी सर्वाइकल का पेन होने लगता है। इसीलिए कोशिश करें, कि आप तनाव न लें। यदि आपको ज्यादा तनाव महसूस हो रहा हो, तो किसी मनोचिकित्सक से मिलें और अपना इलाज तुरंत कराएं। हमेशा खुश रहे। अच्छी बातों और विचारों की किताबें पढ़ें।

इन सब के बावजूद, यदि आपको सर्वाइकल के पेन में कोई राहत नजर नहीं आ रही है, तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। उनसे बेहतर इलाज के लिए कहें। सर्वाइकल के पेन को इग्नोर करने से यह और भी गंभीर समस्या बन सकता है, इसीलिए इसका इलाज समय पर कराएं और स्वस्थ रहें।

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