मोदी सरकार के इस मंत्री पर लगे छेड़छाड़ के आरोप

Modi government's minister charged with molestation

#MeToo कैंपेन के तहत देश भर की कई महिलाओं ने अपने साथ काम के दौरान हुए, शोषण की कहानी सोशल मीडिया पर साझा की है। इसी कड़ी में कुछ महिला पत्रकारों ने अपने साथ हुई घटनाएं भी साझा की हैं।

पूर्व में वरिष्ठ पत्रकार रहे और अब मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री का पद संभाल रहे एमजे अकबर के ऊपर भी कई महिला पत्रकारों ने आरोप लगाए हैं। यह सभी आरोप तब के हैं, जब एमजे अकबर कई प्रमुख अखबारों के संपादक के रूप में कार्य कर रहे थे। आपको यहां बताते चलें कि एमजे अकबर राजनीति में आने से पहले कई बड़े अंग्रेजी अखबारों के संपादक रह चुके हैं। यह सभी आरोप पत्रकार प्रिया रामानी के एक लेख के बाद सामने आने शुरू हुए हैं। इस लेख में प्रिया रमानी ने बिना नाम लिए एमजे अकबर के साथ अपने बुरे अनुभव को साझा किया है। रमानी ने अपने लेख में कहा है कि एमजे अकबर ने उन्हें मुंबई के एक होटल में किसी इंटरव्यू के संबंध में बुलाया था जहां उन्होंने कुछ असहज करने वाली बातें कही थीं। यह घटना तब की है जब रमानी 23 वर्ष की थी और एमजे अकबर 43 वर्ष के थे। इसीलिए को दोबारा साझा करते हुए और अंबानी ने ट्विटर पर लिखा है –

इसी के बाद से कई महिला पत्रकारों ने अपने-अपने अनुभव भी साझा करने शुरू कर दिए हैं।

इन आरोपों पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि “ये आरोप तब के हैं जब एमजे अकबर पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे थे और अब वे विदेश राज्य मंत्री के पद पर हैं इसलिए उन्हें सामने आकर इन आरोपों पर अपना पक्ष रखना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने मंत्री पर लगे इन आरोपों पर सामने आकर जवाब देना चाहिए। यह बहुत ही गंभीर विषय है और इन आरोपों पर चुप रह कर इनसे बचा नहीं जा सकता है।”
विदेश राज्यमंत्री पर लगे इन आरोपों को लेकर जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे गए तो उन्होंने इन सवालों को सुनकर भी अनसुना कर दिया और इन आरोपों पर कुछ नहीं कहा।

जहां ज्यादातर महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर के साथ अपने बुरे अनुभवों को लेकर आरोप लगाए हैं वहीं दूसरी ओर एक महिला पत्रकार जॉयती बसु ने उनके समर्थन में ट्वीट किया है और कहा है कि –

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर, जो कि अभी नाइजीरिया में है, उनसे इन आरोपों पर कई पत्रकारों ने उनका पक्ष जानना चाहा परंतु अब तक उनका जवाब नहीं मिल पाया है।

Nachiketa Live विभिन्न महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। हमारा मानना है कि महिलाओं को अपने साथ हुए इस तरह के अनुभवों को सार्वजनिक रूप से साझा करने के लिए काफी हिम्मत चाहिए होती है। हम इस मुद्दे पर विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के जवाब का भी इंतजार कर रहे हैं।

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