प्लास्टिक से निर्मित चीजों का करें बहिष्कार – डॉ. वीरेंदर सिवाच

फतेहाबाद :नो टू प्लास्टिक :- प्लास्टिक से निर्मित चीजों का बहिष्कार करना चाहिए इस से कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं ये उदगार संस्था के सरंक्षक डॉ वीरेन्द्र सिंह सिवाच ने कहे।
उन्होंने बताया की प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व भर में लोगों के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत लोगों के बीच में पर्यावरण के मुद्दों के बारे में वैश्विक जागरुकता लाने के साथ ही पर्यावरण के लिए सकारात्मक कदम लेने के लिए की गई है। इसका संचालन संयुक्त राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा किया जाता है और इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 में की गई थी। यह दिन विशेष रुप से वर्तमान वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करके पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए है। उन्होंने बताया की यह 147 से ज्यादा देशों के लोगों के द्वारा मनाया जाता है। यह वह दिन है, जब पर्यावरण के सन्दर्भ में जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से राजनीतिक ध्यानाकर्षण के साथ ही सार्वजनिक कार्यों को बढ़ाने के लिए जनता और राजनेता इनसे प्रेरणा लेते हैं। लोगों को पर्यावरण के मुद्दों पर कार्य करने और विश्वभर में निश्चित व पर्यावरण के अनुकूल विकास का सक्रिय प्रतिनिधि बनने के लिए इस दिन को बनाया गया है। जीवन को बेहतर और अधिक प्राकृतिक बनाने के लिए पूरे विश्वभर में पर्यावरण में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस अभियान की स्थापना की गई। उन्होंने बताया की आजकल, पर्यावरण का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरुक होना चाहिए और इस परेशानी का सामना करने के लिए अपने सकारात्मक प्रयासों को करना चाहिए। प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से युक्त वातावरण में सकारात्मक बदलावों को लाने के लिए विद्यार्थियों के रुप में किसी भी देश के युवा सबसे बड़ी उम्मीद है।
उन्होंने बताया की हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अवसर पर 1972 में हुई थी। हालांकि, यह अभियान सबसे पहले 5 जून 1974 को मनाया गया। यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है और इसका कार्यक्रम विशेषरुप से, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वार्षिक विषय पर आधारित होता है। हमारे पर्यावरण की स्थिति प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण दिन प्रति दिन गिरती जा रही है। बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें हमारे देश में पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देना चाहिए। संस्था के चेयरपर्सन श्रीमती शरणजीत कौर ने कहा की मेजबान शहर के अलावा विश्व पर्यावरण दिवस वाले दिन, यह अन्य देशों के द्वारा वैयक्तिक रुप से अपने राज्यों, शहरों, घरों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों आदि पर परेडों और सफाई गतिविधियाँ, रीसाइक्लिंग पहल, वृक्षारोपण के साथ सभी प्रकार की हरियाली वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और लोगों को इस खूबसूरत ग्रह की बुरी परिस्थितियों की ओर ध्यान देने के लिए आयोजित किया जाता है। इस दिन सार्वजनिक अवकाश नहीं होता इस प्रकार सभी स्कूल और कार्यालय खुले रहते हैं और कोई भी अवकाश नहीं लेता है। यह कार्यक्रम इस पृथ्वी की सुन्दरता को बनाए रखने के लिए कुछ सकारात्मक गतिविधियों के लिए एकसाथ कार्य करने की एक पहल है। हमें पूरे सालभर कार्यक्रम के उद्देश्यों को अपने ध्यान में रखना चाहिए और उन्हें वृक्षारोपण के माध्यम से आसपास के वातावरण को सुन्दर बनाने और साफ-सफाई, पानी की बचत, बिजली का कम प्रयोग, जैविक और स्थानीय खाद्य पदार्थों का उपयोग, जंगली जीवन की सुरक्षा आदि बहुत सी गतिविधियों को कार्यरुप में बदलना चाहिए। जीवन के लिए हमारे पास एकमात्र यही ग्रह है, यह हमारा घर है और हम सभी इसकी प्राकृतिक सुन्दरता को सदैव के लिए बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। इसलिए हमें प्लास्टिक की चीजों का बहिष्कार करना चाहिए।
इस अवसर पर संस्था के सक्रेटरी सरदार हरमीत सिंह, संस्था के सदस्य कमलदीप सिंह, रमनदीप, बी. एड की प्रिंसिपल ममता चौधरी, नर्सिंग की प्रिंसिपल मीनाक्षी , स्कूल प्रिंसिपल विजय सिंह चौहान व् समस्त स्टाफ मौजूद था

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