मात्र 7 दिनों में दूर होगा जोड़ों का दर्द, रोज़ाना इस तरह से करें नीलगिरी तेल का इस्तेमाल

जोड़ों में दर्द आजकल आम परेशानी बन गई है। उम्र बढ़ने के साथ साथ जोड़ों में दर्द होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन अगर इस परेशानी को नजरअंदाज कर दिया जाए तो धीरे धीरे ये दिक्कतें और अधिक बढ़ जाती हैं। वैसे तो ऐसी बीमारियों के लिए लोग तरह तरह की दवाइयों का सेवन   करते हैं लेकिन इससे कुछ खास फर्क नहीं पड़ता है, इसलिए आज की इस वीडियो में हम आपको घुटने के दर्द के लिए नीलिगरी तेल के फायदे बताने जा रहे हैं, इसके अलावा ये भी बताएंगे कि नीलगिरी तेल और किन किन चीज़ों के लिए फायदेमंद हैं, तो वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें।

नीलिगीरी तेल के फायदे

सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि, नीलगिरी तेल कई प्रकार के गुणों से भरपूर होता है। इनमें शरीर में सूजन को बढ़ने से रोकनेवाले गुण, त्वचा पर किसी भी तरह के फंगस को पनपने से रोकनेवाले गुण, वायरस और वायरल को खत्म करने की क्षमता और शरीर की कोशिकाओं में हुई टूट-फूट को वापस ठीक करने की भी शक्ति होती है। इस तेल के इस्तेमाल से माइग्रेन और सिर दर्द की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है।  

1. जोड़ों में दर्द का इलाज

अगर आपके जोड़ों में दर्द है या कहीं चोट आ गई है तो चोट वाली जगह पर नीलगिरी तेल से हल्के हाथ लगाकर मसाज करें, ऐसा करने से आपको काफी फायदा मिलेगा। इसके अलावा अगर आप अर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रोज़ाना रात में सोने से पहले नीलगिरी तेल से जोड़ों की मालिश करें। इससे आपको कुछ ही दिनों में फायदा मिलने  लगेगा।

2.सूजन में फायदेमंद

शरीर में या जोड़ों में दर्द होने पर नीलगिरी तेल काफी फायदा पहुंचाता है। एक रिसर्च के अनुसार नीलगिरी तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं, नीलगिरी के ये गुण ना सिर्फ सूजन को ठीक करते हैं बल्कि इसमें दर्द को कम करने की भी शक्ति होती है। अगर आपके जोडों में दर्द है या किसी जगह पर सूजन है तो वहां नीलगिरी तेल से मालिश करें

3.त्वचा संबंधी रोगों से बचाव

नीलगिरी का तेल स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है, ये फंगल इंफेक्शन को पनपने नहीं देता है, साथ ही त्वचा के सौंदर्य और चमक को भी बनाए रखने का पूरा काम करता है। इतना ही नहीं ये स्किन को स्मूद, कील-मुहासों से मुक्त और बेदाग बनाने का काम करता है, अगर आपके भी स्किन पर कील मुंहासे ज्यादा होते हैं या कुछ देर बाहर निकलने से ही चेपरे परे टैनिंग हो जाती है तो रोज़ाना रात में सोने से पहले चेहरे पर नीलगिरी का तेल लगाएं और सुबह उठकर चेहरा धो लें, इससे आपको काफी फर्क नजर आएगा।

4. फेफड़ों के रोगों में नीलगिरी के फायदे

बीमारियो को ठीक करने के लिए नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल काफी समय से किया जा रहा है। यही वजह है कि लोग इसका इस्तेमाल फेफड़े के रोग के लिए भी करते हैं। दरअसल, नीलगिरी तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-इंफेक्टिव प्रभाव पाए जाते हैं, जो फेफड़े की सूजन और इंफेक्शन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, यह फेफड़ों में रोग व संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं को भी बढ़ने से रोकता है।

जिससे फेफड़ों में किसी भी तरह की बीमारी नहीं होती है। इसके अलावा शरीर की मालिश के लिए नीलगिरी का तेल इस्तेमाल में लाया जाए तो गम्भीर से गंभीर दर्द भी बड़ी आसानी से दूर हो जाते हैं। शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि आदिवासी भी मानते हैं कि नीलगिरी का तेल जितना पुराना होता जाता है इसका असर और भी बढ़ता जाता है। इसका तेल जुकाम, पुरानी खांसी से पीड़ित रोगी के लिए फायदेमंद होता है। इसे छिड़ककर सुंघने से भी काफी फायदा मिलता है।

5. बालों को करे मजबूत

नीलगिरी के तेल में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं जो हमें संक्रमण से तो सुरक्षित रखता ही है साथ ही ये सिर के पोर्स को भी खोलता है और बालों को जड़ से पोषण देता है, इससे बालों के झड़ने की परेशानियां खत्म होती हैं, और बाल मजबूत बनते हैं। इसके लिए नीलगिरी तेल की 2 से 3 बूंदें किसी हल्के तेल जैसे कैस्टर ऑयल या जैतून के तेल में मिक्स करके बालों में लगाएं, ये बालों के ग्रोथ के लिए भी काफी फायदेमंद है।

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