Inspector ने Senior IPS की FIR नहीं की दर्ज, IPS पहुँचे कोर्ट

क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि किसी इंस्पेक्टर ने एक IPS की शिकायत दर्ज करने से ही मना कर दिया हो? ऐसा शायद फिल्मों में तो देखने को मिल भी जाये लेकिन ये बात फ़िल्मी नहीं असल जिंदगी की है। यह घटना है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के कर्नलगंज थाने की, जहाँ वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर की एफ आई आर लिखने से थाना प्रभारी ने मना कर दिया।

दरअसल, यह मामला इस साल के सबसे बड़े 69,000 शिक्षक भर्ती घोटाले का है। जिसके सम्बन्ध में IPS अमिताभ ठाकुर का दावा है कि वे इस भर्ती में हुई धांधली के सबूतों के साथ प्रयागराज के कर्नलगंज थाने पहुँचे थे लेकिन इसके बावजूद भी उनकी FIR दर्ज नहीं कि गयी।

इंस्पेक्टर नहीं, तो कोर्ट सही

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में हुई धांधली सामने आने के बाद से ही मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। इसी मामले में IPS अमिताभ ठाकुर ने भी गंभीर सवाल उठाए हैं और इसी मुद्दे को लेकर वो FIR दर्ज करवाने भी पहुँचे थे लेकिन जब उनकी FIR दर्ज करने से इंस्पेक्टर ने मना कर दिया तो वे CJM में इसे लेकर अपनी अर्ज़ी दाखिल कर दी है, जिसमें उन्होंने इस धांधली को लेकर एफ आई आर दर्ज करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच अभी एसटीएफ के द्वारा की जा रही है लेकिन यह मामला इतना बड़ा है कि इसकी जांच एसटीएफ के हाथों संभव नहीं है और इसलिए इसकी सीबीआई द्वारा जांच करवाई जानी चाहिए। सीबीआई ही इस मामले की जांच सही ढंग से कर सकती है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वह सीबीआई जांच के लिए शासन एवं पुलिस महानिदेशक से अनुरोध करेंगे।

इस मामले जारी है जाँच

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपने पास मौजूद सबूतों के बारे में बताते हुए कहा कि उनके पास इस भर्ती परीक्षा में हुए पेपर के लीक होने से लेकर लोगों को पैसे लेकर गलत तरीके से पास कराए जाने तक के सबूत मौजूद हैं। इन सबूतों को दिखाने के बावजूद भी कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने उनकी एफ आई आर दर्ज नहीं की है।

आपको बता दें कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले का मामला सामने आने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है और इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है, जिसके बाद कुछ गिरफ्तारियां और पूछताछ भी हुई हैं।

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