छुट्टियाँ लेने के मामले में सबसे पीछे हैं भारतीय कर्मचारी : रिपोर्ट

छुट्टियाँ लेने के मामले में सबसे पीछे हैं भारतीय कर्मचारी : रिपोर्ट

माय लॉर्ड, Expedia की छुट्टी की कमी वाली 2018 की वार्षिक रिपोर्ट चिल्ला चिल्ला कर कह रही है कि भारतीय कर्मचारी छुट्टियों की कमी से जूझ रहे हैं, इस रिपोर्ट के मुताबिक 75 फ़ीसदी भारतीय छुट्टी की कमी से परेशान हैं।

वर्ष 2018 में जारी की गयी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया में भारतीय कर्मचारी अवकाश की कमी से सबसे ज्यादा परेशान हैं। इस मामले में 72 फ़ीसदी के साथ दक्षिण कोरिया दूसरे और 69 फ़ीसदी के साथ हांगकांग भी पीछे नहीं है। इस रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 41 फीसदी भारतीय अवकाश पर जाना तो चाहते हैं लेकिन काम ज्यादा होने की वजह से पिछले 6 महीने से छुट्टियों पर नहीं जा सके हैं। 19 देशों के लगभग 11000 नौकरीपेशा लोगों के बीच यह सर्वे किया गया था।

रियल स्टेट के कर्मचारियों कि स्थिति बेहतर

भारत के नौकरीपेशा लोगों में आधे से ज्यादा लोगों का मानना है कि काम से अवकाश लेने पर कार्य अधिक प्रभावी और उत्पादक होता है। इसमें ये बात भी सामने आयी है कि भारतीय कर्मचारी अपने सहकर्मियों से भी परेशान रहते हैं और अवकाश पर भी काम से पूरी तरह अलग नहीं रह पाते हैं। खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य उद्योग और खुदरा उद्योग में कार्यरत कर्मचारी इस समस्या से सबसे अधिक परेशान दिखे, वहीं रियल स्टेट के कर्मचारियों पर इसका अधिक प्रभाव नहीं दिखा।

तो भइया, रिपोर्ट साफ़ आगाह करती है कि छुट्टियों से छुट्टी मत लीजिए, बल्कि छुट्टी लेकर कहीं न कहीं घूमने जाते रहिए। भारत के 6 महीने से एक साल तक छुट्टी न लेने वाले कर्मठ कर्मचारियों से Nachiketa Live की रिक्वेस्ट है कि अवकाश लेते रहिए इससे आपका काम और नाम ख़राब नहीं होगा बल्कि उसमें और अधिक वृद्धि ही होगी और प्रमोशन भी जल्दी ही मिलेगा। याद रखिए कि जब आप अवकाश के बाद नयी जगह से लौटकर काम पर आते हैं तो आप नए सुझाव और विचार भी लेकर आते हैं। इसी बात के साथ योगिता “योगी” जी की कविता के इस अंश के साथ हमें भी थोड़ा अवकाश दीजिए।

“मन की थकन जो उतार दे
वो अवकाश चाहिए।
इस भागती सी जिंदगी में
फुरसत की सांस चाहिए।
चेहरों को नहीं दिल को भी
पढने का वक्त हो,
मोबाइल लैपटॉप से
कुछ पल
संन्यास चाहिए।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here