गिलोय के हैरान कर देने वाले 10 फायदे | Benefits of Giloy

गिलोय
प्राचीन काल से ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कई जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है, गिलोय भी इन जड़ी-बूटियों में से एक है। इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण प्राकृतिक रूप से शरीर को ठीक करने में सहायक होते हैं। किसी भी तरह के बुखार के लिए गिलोय एक रामबाण हैं, जो एक इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करता है। इसीलिए इसे जीवंतिका भी कहा जाता है ।बरसात के मौसम में होने वाली वायरल बीमारियों, चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए गिलोय का सेवन किया जाता है। आज की इस वीडियो में हम आपको गिलोय के उपयोग और इससे टिक होने वाली 10 बीमारियों के बारे में बताएंगे।

औषधीय गुणों का भंडार

गिलोय में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें कूमैरिन्स, क्विनोन्स, सैपोनिनस, ग्लाइकोसाइड, अल्कालोसाइड लैक्टिक और पॉलीपेप्टाइड जैसे रसायन होते हैं, जो किसी भी बीमारी को जल्द ही ठीक करने में मदद करते हैं।

गिलोय

ऐसे करें गिलोय का इस्तेमाल

हम गिलोय का 3 तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं –
1. इसके फल मटर के दाने की तरह दिखते हैं जिन्हें धोकर हम दूसरे फलों की तरह खा सकते हैं।लेकिन इसका ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए।
2. इसकी पत्तियों और तने को पीसकर इसका जूस बनाया जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है इसीलिए एक दिन में इस जूस की सिर्फ 20 से 30 एमएल तक की मात्रा ही लेनी चाहिए।
3. इसका इस्तेमाल काढ़े के रूप में भी किया जाता है। जिसके लिए इसकी जड़ और तने को उबालकर काढ़ा तैयार किया जाता है। लेकिन ध्यान रहे इस काढ़े का एक दिन में केवल 20 ml तक ही सेवन करना चाहिए।

गिलोय के 10 फायदे

ड़ेंगू

गिलोय में मौजूद इम्यूनोमाड्यूलेटरी रसायन होता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई तरह की गंभीर बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स कम होने पर इसका सेवन करने से प्लेटलेट्स जल्दी बढ़ने लगते हैं।

डायबिटीज

गिलोय में एंटी हाइपर ग्लाइसेमिक यानी ब्लड शुगर को कम करने वाला गुण होता है। जो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। यह कहना गलत ना होगा कि गिलोय डायबिटीज की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है।

पाचन तंत्र

ये पाचन तंत्र संबंधी कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है। यह डायरिया और डिसेंट्री जैसी बीमारियों को चुटकियों में ठीक कर देता है। इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

आंख

गिलोय आंखों से जुड़ी विकारों से छुटकारा पाने में भी मदद करता है इसमें पाया जाने वाला इम्यूनोमोड्यूलेटरी गुण आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

एंटी एजिंग

गिलोय में एंटी एजिंग तत्व भी पाए जाते हैं, जो शारीरिक समस्याओं को दूर करने के साथ ही बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करता है। रोजाना गिलोय का संतुलित मात्रा में सेवन करने से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती और निखार बना रहता है । जो आपको हमेशा जवां बनाए रखता है।

अस्थमा

गिलोय के तने के जूस को शहद के साथ मिलाकर पीने से श्वास संबंधी समस्याओं से जल्दी छुटकारा मिलता है।

गठिया

गिलोय में एंटी अर्थराइटिस, एंटी इन्फ्लेमेटर और एंटी ऑस्टियोपोरोटिक गुण पाए जाते हैं, जो गठिया की समस्या को दूर करते हैं।

क्रॉनिक फीवर

क्रॉनिक फीवर यानी पुराना बुखार। यदि 10 से 15 दिन के बाद भी बुखार ठीक नहीं होता, तो उसे क्रॉनिक फीवर कहते है। इसके तने और पत्तियों का जूस क्रॉनिक फीवर में फायदेमंद होता है । इसमें मौजूद एंटी मलेरियल और एंटीपायरेटिक गुण बुखार से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

इम्यूनिटी बूस्टर

इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होने पर कोई भी व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ता है, ऐसे में इसका सेवन करना फायदेमंद रहता है। इसमें पाया जाने वाला इम्यूनोमोड्यूलेटरी गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

यौन इच्छा

यौन इच्छा और शारीरिक स्वास्थ्य का आपस में गहरा संबंध है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं होता, तो उसमें यौन इच्छा बढ़ाने वाले हार्मोन की कमी हो जाती है। ऐसे में इसका इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here