पूजा के समय आती है नींद, बुरे विचार और छींक, तो भगवान देते हैं ये 2 बड़े संकेत

दोस्तों अगर आपको भी पूजा करते समय आंखों से आंसू, नींद, उबासी और छींक आती है तो ये लेख सिर्फ आप ही के लिए है, क्योंकि पूजा के दौरान इस तरह की हरकत होने का बहुत बड़ा राज है। अक्सर पूजा करते समय कई लोगों को जम्हाई, नींद, आंखो में आंसू, उबासी औऱ छींक आती है, हम भी इस हरकत को करने के बाद फिर से पूजा शुरू कर देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि आखिर पूजा के दौरान ऐसा क्यों होता है।

1.पूजा के दौरान जम्हाई या नींद आना

शास्त्रों में माना गया है कि सच्ची श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा हमेशा फलदायी होती है, इस तरह से पूजा पाठ करने वालों के घर में हमेशा सुख शांति रहती है, लेकिन कई बार आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को पूजा के दौरान नींद या जम्हाई आती है, और हम इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन पूजा के समय नींद और जम्हाई आती है तो इसका  मतलब ये है कि उस व्यक्ति के मन में दो विचार चल रहे हैं। उसका ध्यान पूजा में ना होकर कहीं और ही है,

इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति किसी परेशानी में आकर भगवान की उपासना करता है तो भी उसे नींद आने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो हम आपको बता दें कि शास्त्रों में इस तरह की पूजा पाठ को स्विकार नहीं किया जाता है, इस पूजा का आपको कोई फल नहीं मिलेगा। इसलिए हमेशा पूजा पाठ एकाग्रता और पूरे ध्यान से करना चाहिए।

2. पूजा के समय आंसू आना

शास्त्रों में बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति को पूजा के दौरान आंखों से आंसू निकलते हैं। तो इसका अर्थ ये है कि भगवान आपको कोई संकेत देना चाह रहे हैं। इसके अलावा ये भी माना जाता है कि, जिस व्यक्ति के जीवन में काफी सारी परेशानियां हैं औऱ तमाम तरह के उपाय, पूजा पाठ करने के बाद भी उसकी दिक्कतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं तो इस स्थिति में भी पूजा के दौरान आंखों से आंसू निकल आते हैं, लेकिन हमें ध्यान ये रखना है कि रोने से कभी भी परेशानियां खत्म नहीं होती हैं भगवान इस दौरान अपने भग्त की परिक्षा ले रहे होते हैं जिसे हमें खुश होकर पास करना है।

3. नकारात्मकता का संकेत आना

पूजा के समय कुछ लोगों का ध्यान कथा में ना होकर कहीं और होता है, जैसे ऑफिस में क्या चल रहा होगा, आज क्या पहनना है, बाहर कैसे जाना है। तो पूजा के दौरान इस तरह के संकेत आना बुरी सक्तियों का प्रतीक होता है, कहा जाता है कि ये बुरी सक्तियां आपको पूजा पाठ से भटकाने की कोशिश करती हैं, इसलिए आपका मन कथा में ना होकर इधर उधर भटकता है। इसके अलावा पूजा के दौरान जम्हाई या नींद आने का संकेत नकारात्मकता भी होता है, अगर पूजा के दौरान नींद आती है तो समझना चाहिए कि कोई नेगेटिव एनर्जी आपके आसपास मौजूद है और वो आपको धार्मिक कार्य को करने से रोक रही है। 

4. दुख का एहसास होना

ऐसा माना जाता है कि कई बार भक्त अपने विचारों को भगवान के सामने प्रकट करते समय भावुक हो जाते हैं। और ऐसा हर दुखी व्यक्ति के साथ होता है। इस स्थिति में व्यक्ति के जहन में कुछ ऐसे विचार आते हैं, जिन्हें आप सामने नहीं लाना चाहते हैं औऱ फिर उन्हें सामने लाते समय आपको दुख महसूस होता है जिसकी वजह से आंखों में आंसू आ जाते हैं, और हैरानी की बात तो है कि इस दौरान भगवान भी आपके दुख को देखकर परेशान होते हैं।

5. साफ मन

शास्त्रों में ये भी बताया गया है कि पूजा पाठ के दौरान आंखों से आंसू आना मन साफ होने का संकेत होता है। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह के उलझन और परेशानियां चल रही है और वो पूजा पाठ के दौरान रो देता है तो इसका अर्थ ये है कि वो सच्चे मन से भगवान की अराधना कर रहा है औऱ भगवान से मदद की गुहार लगा रहा है।

शास्त्रों में ये भी कहा गया है कि पूजा के दौरान आंसू आने पर भगवान ये संकेत देते हैं कि आपने बुराइयों को हराकर जीत हासिल कर ली है। इसके अलावा धूप, अगरबत्ती का धुआं और गंध आपके मंदिर में रखी प्रतिमा या छवि की तरफ  ओर आकर्षित हो रही है तो समझा जा सकता है कि आपके द्वारा की जा रही पूजा को ईश्वर के स्वीकार कर रहे हैं।

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