शिक्षा की गुणवत्ता से अब कोई समझौता नहीं, परीक्षा में दो बार फेल होने वाले शिक्षकों की होगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति : मध्यप्रदेश सरकार

शिक्षा की गुणवत्ता से अब कोई समझौता नहीं, परीक्षा में दो बार फेल होने वाले शिक्षकों की होगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति : मध्यप्रदेश सरकार
शिक्षा की गुणवत्ता से अब कोई समझौता नहीं, परीक्षा में दो बार फेल होने वाले शिक्षकों की होगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति : मध्यप्रदेश सरकार

मध्यप्रदेश की प्रगति व उन्नत कल हेतु हर सम्भव प्रयास कर रही मध्यप्रदेश सरकार ने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए आवश्यक शिक्षा की बुनियाद को सशक्त बनाने की कोशिश में प्रदेश के शिक्षकों को फिर से ट्रेनिंग देकर दोबारा दक्षता परीक्षा देने का मौका दिया। कई शिक्षक पहली दक्षता परीक्षा में पास नहीं हुए थे। किन्तु दुबारा फेल होने वाले शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार की रियायत नहीं की जाएगी क्योंकि यह प्रदेश के आने वाले उन्नत कल की बात है।

शिक्षा में गुणवत्ता के स्तर को बढ़ाने और अयोग्य शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में ली गई शिक्षक दक्षता परीक्षाओं में दो बार फेल होने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का फैसला कर चुकी है

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी के मुताबिक राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हेतु सरकार ने यह कदम उठाया है। इसी दिशा में राज्य शासन द्वारा वर्तमान अकादमिक सत्र से कक्षा 5वीं और 8वीं के बच्चों का बोर्ड पैटर्न पर वार्षिक मूल्यांकन किए जाने का निर्णय लिया गया है। कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा में पास होने के लिए विद्यार्थियों को 33℅ अंक प्राप्त करने होंगे। ऐसा न होने पर 2 माह बाद पुन: परीक्षा ली जाएगी।

साथ ही साथ विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने योग्य बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है। सत्र 2019-20 में कक्षा 6वीं से 10वीं तक सामाजिक विज्ञान और कक्षा 11वीं में कला संकाय की एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। वर्ष 2021-22 तक क्रमिक चरणों में सभी विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी विषयों में यह पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा।

मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बताया कि इन परिवर्तनों का मुख्य कारण यह है कि राज्य के कई सरकारी स्कूलों में छात्रों का पिछले तीन साल से लगातार बहुत ही खराब प्रदर्शन रहा है। इन परिणामों को देखते हुए मेरे विभाग ने जिन सरकारी स्कूलों में छात्रों ने परीक्षाओं में बहुत ही खराब प्रदर्शन किया, उन स्कूलों के संबंधित शिक्षकों के लिए एक ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया था और उसके बाद उनकी दक्षता परीक्षाएं ली गई थीं। लेकिन कई शिक्षक इसमें पास नहीं हो पाए।

कई शिक्षकों के पहली दक्षता परीक्षा में असफल होने से उन्हें फिर से ट्रेनिंग दी गई और दोबारा दक्षता परीक्षा देने का मौका दिया गया। हालांकि इसमें भी कुछ शिक्षक असफल रहे। किन्तु जो शिक्षक दोनों बार ली गई परीक्षा में फेल हुए हैं और 20 साल की नौकरी या 50 की उम्र पार कर चुके हैं, उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। शिक्षक दक्षता परीक्षा में दो बार फेल हुए 20 साल की नौकरी या 50 की उम्र पार करने के दायरे में न आने वाले फेल शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति नहीं दी जाएगी, लेकिन उन्हें नोटिस दिया जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।

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