किसानों का जीवन होगा खुशियों से भरा, “काजू” की खेती करेगी बिगड़ी दशा में सुधार : कमलनाथ

किसानों का जीवन होगा खुशियों से भरा, "काजू" की खेती करेगी बिगड़ी दशा में सुधार : कमलनाथ

किसानों की मध्य प्रदेश में खेती को लेकर बिगड़ी हुई स्थिति में सुधार करने व उन्हें सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा 2 लाख तक की कर्जमाफी के बाद अब किसानों की हालात में सुधार करने की दिशा में चल रही कोशिशों में सरकार इनोवेशन पर जोर दे रही है। कमलनाथ सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में काजू की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके फलदायक परिणामों का ग्राफ किसानों को भी रास आने लगा है।

मध्यप्रदेश में काजू की खेती की सकारात्मक संभावनाएं मिली हैं। जैसा कि हमें सदैव देखने को मिलता है कि राज्य में कभी सूखा, कभी अतिवृष्टि और कभी अधिक उत्पादकता किसानों के लिए समस्या उतपन्न करती है। इन स्थितियों से किसानों को होने वाले नुकसान उन्हें बड़ी पीड़ा का शिकार बनाकर जाते हैं। यही कारण है कि किसानों को एक तरफ सरकार तमाम तरह की रियायत दे रही है तो दूसरी ओर खेती-पशुपालन के क्षेत्र में इनोवेशन को प्रोत्साहित कर रही है। काजू की खेती की पहल भी उनमें से एक है।

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि काजू और कोको विकास निदेशालय, कोच्चि (केरल) ने राज्य के बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट और सिवनी जिले की जलवायु को काजू की खेती के लिए उपयुक्त पाया है। इसी के चलते इन जिलों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना ‘रफ्तार’ के तहत इस वर्ष काजू क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम को लागू किया गया है।

किसानों ने कुल 1,430 हेक्टेयर भूमि के क्षेत्र में काजू के 1 लाख 60 हजार पौधों को रोपित किया है। इसके अलावा किसानों को 1 लाख 26 हजार पौधे और उपलब्ध कराए जाएंगे।

बैतूल – 1,000

छिंदवाड़ा – 30

बालाघाट – 200

सिवनी – 200

किसानों ने अपनी जमीन पर काजू के पेड़ रोपे हैं। औसतन सभी किसानों ने एक-एक हेक्टेयर क्षेत्र में काजू के पौधे रोपे हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्र में 200 पेड़ रोपे गए हैं।

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो काजू का एक पेड़ औसतन 15 किलो फल का उत्पादन करता है। इस तरह एक हेक्टेयर में 200 पेड़ से कुल 3000 किलो काजू पैदा किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक अच्छी खबर यह है कि काजू की खेती के लिए छिंदवाड़ा की जलवायु सबसे अनुकूल पाई गई है यदि योजना के अनुसार सरकार की यह पहल सफल होती है और परिणाम सकारात्मक आते हैं तो छिंदवाड़ा कुशल नेतृत्व वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ-साथ काजू के लिए प्रसिद्ध होगा।

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